मेरे लिए ये वक्त सबसे अफसोसजनक है। पिछले कुछ महीनों में मैंने जो जाना वो निस्संदेह वेदनायुक्त है। मैने दुनिया को हमेशा खूबसूरत अंदाज़ में देखा। हमेशा ये सोचा कि चलो बुरा हो रहा है तो कुछ अच्छा भी...
Written by archana rajhans
on मेरा कोना
4 days 18 hours ago
भारत राष्ट्र के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने कहा था, "सच्ची स्वतंत्रता के लिए अपनी जरूरतों को कम करना चाहिए।" उन्होंने अपने जीवन में जरूरतों को इतना कम कर लिया कि उनके बारे में यह आम...
Written by ज्ञानेश उपाध्याय (gyanesh upadhyay)
on ज्ञानघर
8 days 11 hours ago
हमारा सलाम
- श्री मनमोहन करकेरा
राजीव तुम्हारे नमन* को हमारा सलाम
सरस्वत रचना को शत शत प्रणाम।
शायद हम तुम्हें खो गए उस 26/11 की दर्दनाक रात
लेकिन तुम फिर प्रकट हो गए नमन के साथ।
तुम्हारा मधुर...
पलामू (डाल्टनगंज ) के साहित्यकार-पत्रकार श्री मनोज ज्वाला के उपन्यास " महात्मा की बेटी और सियासत " का लोकार्पण १३ दिसंबर २००९ को हिन्दी भवन , विष्णु दिगंबर मार्ग (निकट आई .टी.ओ.),नई दिल्ली में प्रातः...
As per the Maharashtra State Government 6th Pay resolution No. Vepur 1209/Pra.Kra.27/Seva 09 dated 22.04.2009, the General Administrate Department Post which is mentioned on Page No. 130 revised by...
Written by Manish
on MS Employee
3 days 8 hours ago
मोबाइल पर बात करना तो मेरा फेवरिट शौक है. इसलिए मम्मी मेरे लिए एक टॉय मोबाइल ले आयी हैं. ये हार्मफुल भी नहीं होता
जब भी मोबाइल पर किसी की कॉल आती है, मेरा ध्यान सबसे पहले जाता है. और मुझे तो...
Written by लविज़ा | Laviza
on लविज़ा | Laviza
7 days 14 hours ago
स्वर्ग की परियां किसने देखी
स्वयं जाकर
बस एक पुराना ख्याल है।
धरती पर जो मिल सकते हैं,
तमाम तरह के सामान
ऊपर और चमकदार होंगे
यह भी एक पुराना ख्याल है।
मिल भी जायें तो
क्या सुगंध का मजा लेने...
-अनुप लखनवी-
जब एक शम्मा पुराना दिया बदलती है।
नये दिये में कहीं खूब तेज़ जलती है।
दिखा रहे हैं ये टीवी ओ सीरियल वाले,
कि एक ही से तबीयत नहीं बहलती है।
ज़रूर डूब वो जाती है बीच दरिया में,
हवा के...
Written by ज़ाकिर अली ‘रजनीश’
on हमराही
1 day 17 hours ago
यहां झारखंड के हजारीबाग में डैम में पानी कम होने कारण दिन में एक बार ही आपूर्ति का निर्णय लिया गया। पानी अनमोल है। ये हम सिर्फ सोचते हैं। मुंबई में पानी को लेकर कोहराम है। बहुमंजिली इमारतों को सरकार...
Written by prabhat gopal
on आइये करें गपशप
4 hours 48 mins ago
करु वाटे खरे तर तुला एक फोन
यावा वाटे खरे तर तुझा एक फोन
असे काही होत नाही मग उगाचच
याला कर फोन कधी त्याला कर फोन
फोन तुझा सदा चालू कधी बंद नाही
आणि त्याला तारेचाही आता बंध नाही
पक्षापरी...
Written by noreply@blogger.com (·÷±‡±Sumit±‡±÷·)
on मराठी कविता
5 days 15 hours ago