अहिंसा मानव-जाति के ऊर्ध्वमुखी विराट् चिंतन का सर्वोतम विकास बिन्दु है। क्या लौकिक और क्या लोकोतर - दोनों ही प्रकार के मंगल जीवन का मूलाधार अहिंसा है। व्यक्ति से परिवार, परिवार से समाज, समाज से...
Written by HEY PRABHU YEH TERA PATH
on "हे प्रभु यह तेरा-पथ"
3 days 3 hours ago