- श्री सतीश चन्द्र झाजीवन केर विस्तृत नील पटल
बादल बनि किछु हमहूँ लिखितौं।
उगितै जौं चान अमावसक
अपने अँगना हमहूँ नचितौं ।
छल उमर अबोधक कतेक नीक ,
संघर्ष कतहु, नहि कतहु द्वेष
सागर सन सौंसे पथ विशाल...
Written by सम्पादक: कतेक रास बात
on कतेक रास बात
3 days 8 hours ago