किसी मित्र से बात हो रही थी पंजाब के बारे में .पंजाब की मिट्टी के बारे ...मै कह बैठी बड़ा मन है "हीर " का हिन्दी अनुवाद पढ़ सकूँ किसी रोज़ .. गा सकूँ उसी शिद्दत से ......बोले दोस्त "हीर" पढ़ने...
Written by पारूल
on …पारूल…चाँद पुखराज का……
3 days 14 hours ago