Windows Sofware | TV Player Classic | 6.4 MB
TV Player Classic is a program for viewing online internet TV channels and recording it into AVI (Xvid, DivX, etc.) , viewing and recording streams...
For past many days, I had been putting the status of “2 birthdays together” at GTalk and other such places. Everyone kept asking the story behind it, today is high time that I should reveal the...
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एक आलसी का चिट्ठा-
गिरिजेश भईया का चिट्ठा,
स्वनाम कृतघ्न आलसी का
चिट्ठा । यहाँ पहुँचते ही
होंगे -अवाक ! टिप्पणी को
विचारेंगे, होंगे किंकर्तव्य-
विमूढ़ । अगिया बैताली और
स्थितप्रज्ञ-दोनों एक...
Written by हिमांशु । Himanshu
on सच्चा शरणम्
23 hours 5 mins ago
यार भी हैं लोग भी
चौरास्ते हैं और घर
क्या बात है की नहीं लगता
मुझे ये अपना शहर ।
मैंने सुना था ये शहर
है शरीफ लोगों का
कहते हैं मगर लोग
सुनो, है बड़ा बदनाम शहर ।
लोग कहते हैं मुसाफिर...
Written by अरविन्द चतुर्वेद
on जनपद
20 hours 28 mins ago
आइये इक पहर यहीं बैठें
साथ सूरज के ढलें सुरमई अंधेरों में
सुने बेचैन परिन्दों की चहक
लौट कर आते हुये फिर उन्ही बसेरों में
आसियाँ सबको हसीं लगता है अपना, लेकिन
बस मुकद्दर में सभी के मकाँ नहीं होता...
Written by अमित
on रचनाधर्मिता
2 days 23 hours ago
( सन्दर्भ बताना ज़रूरी तो नहीं पर प्रबुद्ध पाठक समझ ही जायेंगे... इस बार पढ़िए बोधिसत्व की कविता )
मधुरी बानी बोल
देस समूचा आज सेठों के हाथ में है...
जो बचा है वो जेब में है काँख में है
संस्कृति...
Written by अशोक कुमार पाण्डेय
on असुविधा
8 hours 16 mins ago
लेखक : चुन्नीलाल जी
अमूल्य रत्नों से परिपूर्ण भारत माता का आँचल कितना पवित्र, अनोखा , वैभव शाली और गौरवशाली है यह किसी से छिपा नहीं । यह रत्नगर्भा भारतभूमि जहाँ अपने अंतर में अशंख्य मणिमुक्ताएँ...
खामोशियां
गहरी होती गई जितनी
वह तन्हाई में
सिमटती गई उतनी
ख्यालों को बुनती कभी
पर वह उलझ जाते
यूं एक दूसरे में
वह सुलझाये बिना
फिर नये सिरे से
बुनना चालू कर देती
कभी बुनती...