कितनी मुश्किल, कितने कंटक खड़े करेगा दुश्मनहर बाधा हम दूर करेंगे, जीतेगा ये जीवनमाटी अपनी फौलादी है, जज्बा अपना इस्पातीमिट जाएंगे पर नहीं झुकेंगे, देश है अपनी थाती
उजड़ी कोखें, सूनी मांगें, बहनों के...
Written by चण्डीदत्त शुक्ल
on चौराहा
6 days 11 hours ago