दोस्तों और बस दोस्तों के लिए .......समर्पित !
बस हमें इतना बता दे , ए ज़माने वाले, क्यों अंधेरो में रहे शमा जलाने वाले ।
मेरे नज़दीक जो आते हैं, जाने क्या सोच के आते हैं ये जाने वाले !!...
Written by विवेक Call me Vish !!
on Yo!! Mantra's
21 hours 33 mins ago