-डॉ0 सुधाकर अदीब-
मुफ़लिसी1 में जो शाह होता है,
आदमी वो अजीब होता है।
सच को आवाज़ देने वाले का,
ये ज़माना रक़ीब2 होता है।
रहनुमाँ की तलाश कौन करे,
उसकी ख़ातिर सलीब होता है।
चमन से फूल मिलें या...
Written by ज़ाकिर अली ‘रजनीश’
on हमराही
1 day 8 hours ago