Windows Sofware | TV Player Classic | 6.4 MB
TV Player Classic is a program for viewing online internet TV channels and recording it into AVI (Xvid, DivX, etc.) , viewing and recording streams...
एक आलसी का चिट्ठा-
गिरिजेश भईया का चिट्ठा,
स्वनाम कृतघ्न आलसी का
चिट्ठा । यहाँ पहुँचते ही
होंगे -अवाक ! टिप्पणी को
विचारेंगे, होंगे किंकर्तव्य-
विमूढ़ । अगिया बैताली और
स्थितप्रज्ञ-दोनों एक...
Written by हिमांशु । Himanshu
on सच्चा शरणम्
10 hours 6 mins ago
यार भी हैं लोग भी
चौरास्ते हैं और घर
क्या बात है की नहीं लगता
मुझे ये अपना शहर ।
मैंने सुना था ये शहर
है शरीफ लोगों का
कहते हैं मगर लोग
सुनो, है बड़ा बदनाम शहर ।
लोग कहते हैं मुसाफिर...
Written by अरविन्द चतुर्वेद
on जनपद
7 hours 29 mins ago
( यह कविता गुजराती की मशहूर कवियत्री और सामाजिक कार्यकर्ता सरूप बेन की है। इसे गुजराती से हिन्दी में अनुदित मैंने किया है...बाकी तो बात ही बोले तो बेहतर )
क्या है वज़ह मेरे जीने की
नहीं
मै क़लमा...
Written by अशोक कुमार पाण्डेय
on असुविधा
6 days 20 hours ago
Varanasi, December 4, 2009: Professor Kandukuri V. Raman of Cornell University, USA, said biotechnology is turning to be boon for the society. “Biotechnology is going to help human beings breaking...
Written by Ratna Modak
on Varanasi View
19 hours 34 mins ago
आकस्मित जरूरत हैं लडकियों की, गर्ल फ्रेंड की जॉब के लिए
सभी प्राथना पत्र आमंत्रित हैं नीचे दिए गए पोस्ट के लिए. सेलेरी और इन्सेन्टिव नीचे निर्दिष्ट किये गए हैं.
पदनाम : जूनियर गर्ल फ्रेंड...
Written by Pawan.Apex@Gmail.com (Pawan Kumar Mall)
on लतीफे
3 days 23 hours ago
लेखक : चुन्नीलाल जी
अमूल्य रत्नों से परिपूर्ण भारत माता का आँचल कितना पवित्र, अनोखा , वैभव शाली और गौरवशाली है यह किसी से छिपा नहीं । यह रत्नगर्भा भारतभूमि जहाँ अपने अंतर में अशंख्य मणिमुक्ताएँ...
मां के अवसान को मन जैसे पूरी तरह स्वीकार नहीं कर पाया है । कंप्यूटर पर उनकी तस्वीर देखूं तो अचानक ही 'इनसे' कहने लगती हूं कि मां ऐसा कहती हैं, वो वैसा कहती हैं । 'हैं' से उनके अचानक 'थीं' हो जाने...
Written by noreply@blogger.com (ममता सिंह)
on बतकही
7 days 5 hours ago
एक दिन सपने में फिर आ जाओ न डैडी,
धुन्दला होता चेहरा फिर ताज़ा कर जाओ न डैडी |
भूलों कैसे वो आप का लाड ,
एक बार फिर माथा चूमो न डैडी |
चलना तो सिखा गए हो ,
पैरों पे खड़ा होना तो सिखाओ डैडी...