हम कांटे हैं / फूलों के रक्षक / भक्षक नहीं / बचाते हैं उन्हें / उन दुष्ट हाथों से / जो बढ़ते हैं / तोड़ देने को / और मुरझा देने को उन्हें / या / फ़ेंक देने को उन्हें।
हाँ , ये सही है / कि बदवक्त /...
Written by Dhairya
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22 hours 57 mins ago
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